UP Board Birth Date Guidelines: Class 1 Age & Documents

UP Board Birth Date Guidelines

UP Board Birth Date Guidelines: माध्यमिक शिक्षा परिषद, उत्तर प्रदेश, प्रयागराज के कार्यालय सचिव की ओर से छात्रों की जन्मतिथि (Date of Birth) दर्ज करने और उसके सत्यापन को लेकर महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए गए हैं। परिषद के क्षेत्रीय कार्यालयों के माध्यम से छात्रों की जन्मतिथि संशोधन से जुड़े मामले लगातार प्राप्त होते रहते हैं। इसी को देखते हुए स्कूलों में प्रवेश के समय जन्मतिथि की सही जानकारी दर्ज करने पर विशेष जोर दिया गया है।

परिषद के अनुसार, कई मामलों में यह सामने आया है कि बच्चों की आयु शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE Act), 2009 में निर्धारित आयु से कम होती है। इसके अलावा, कुछ मामलों में प्रधानाचार्यों द्वारा जन्मतिथि के प्रमाण के रूप में प्रस्तुत अभिलेखों के आधार पर बच्चों की जन्मतिथि का गलत तरीके से अंकन किए जाने की शिकायतें भी सामने आती हैं। ऐसे मामलों को परिषद ने गंभीरता से लिया है।

कक्षा 1 में प्रवेश के लिए 6 वर्ष की आयु

जारी निर्देश में निःशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि कक्षा 1 में प्रवेश के लिए बच्चे की आयु 6 वर्ष निर्धारित है।

इसलिए स्कूलों को कक्षा 1 में admission के समय बच्चे की age carefully verify करनी होगी। केवल अभिभावक द्वारा बताई गई age के आधार पर जन्मतिथि दर्ज करने के बजाय उपलब्ध प्रमाणों की जांच करना जरूरी होगा।

UP Board Birth Date

UP Board Birth Date Guidelines: जन्म प्रमाणपत्र को प्राथमिकता

UP Board Birth Date Guidelines: परिषद ने उत्तर प्रदेश निःशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार नियमावली, 2011 के नियम-9 का भी उल्लेख किया है। इसमें जन्मतिथि के अंकन के लिए जन्म प्रमाणपत्र तथा उसकी अनुपलब्धता की स्थिति में अन्य निर्धारित दस्तावेजों के आधार पर व्यवस्था बताई गई है।

यदि जन्म, मृत्यु और विवाह रजिस्ट्रेशन अधिनियम, 1886 के तहत जन्म प्रमाणपत्र उपलब्ध नहीं है, तो विद्यालय में admission के लिए निम्न में से किसी एक document को बच्चे की आयु के प्रमाण के रूप में स्वीकार किया जा सकता है:

  1. अस्पताल या सहायक नर्स एवं मिडवाइफ रजिस्टर का अभिलेख
  2. आंगनबाड़ी का अभिलेख
  3. जन्म एवं मृत्यु संबंधी ग्राम रजिस्टर
  4. माता-पिता या अभिभावक द्वारा बच्चे की आयु के संबंध में दिया गया शपथ-पत्र

इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि student की birth date school records में सही तरीके से दर्ज हो।

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स्कूलों को किन बातों का ध्यान रखना होगा?

परिषद ने कहा है कि हाईस्कूल प्रमाणपत्र सहित अंकपत्र में जन्मतिथि का अंकन अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। इसलिए admission के समय ही students की Date of Birth को प्रमाणित document के आधार पर दर्ज किया जाना चाहिए।

विद्यालयों को यह सुनिश्चित करना होगा कि छात्र की जन्मतिथि किसी उपलब्ध official record के आधार पर ही दर्ज हो। बाद में जन्मतिथि में बदलाव या correction की स्थिति से बचने के लिए admission के समय proper verification जरूरी है।

बाद में जन्मतिथि बदलने से बचें

जन्मतिथि एक बार school record में दर्ज होने के बाद आगे चलकर High School Certificate और अन्य educational documents में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसलिए गलत Date of Birth दर्ज होने पर student को भविष्य में कई administrative problems का सामना करना पड़ सकता है।

परिषद के इस निर्देश का मुख्य उद्देश्य यही है कि बच्चे की वास्तविक जन्मतिथि का सही record शुरुआत से ही maintain किया जाए और admission के समय age eligibility का भी ध्यान रखा जाए।

UP Board Birth Date Guidelines: Important Takeaway

UP Board Birth Date Guidelines: Parents और schools दोनों को admission के समय बच्चे की Date of Birth और age proof documents carefully check करने चाहिए। खासकर Class 1 admission के लिए 6 years की prescribed age का ध्यान रखना जरूरी है। जन्म प्रमाणपत्र उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में नियमों में निर्धारित वैकल्पिक documents के आधार पर age verify की जा सकती है।

इस तरह सही documents के आधार पर जन्मतिथि दर्ज करने से आगे चलकर UP Board records, High School Certificate और अन्य academic documents में DOB correction से जुड़ी समस्याओं को कम किया जा सकता है।

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