राजस्थान अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड (RSMSSB) ने कृषि पर्यवेक्षक भर्ती 2026 के लिए आवेदन 13 जनवरी 2026 से 11 फरवरी 2026 तक शुरू होंगे। एकल लिखित परीक्षा (100 प्रश्न, 300 अंक, 2 घंटे) में सामान्य हिंदी, राजस्थान GK, कृषि विज्ञान, तकनीकी, पशुपालन शामिल।
RSSB Agriculture Supervisor Syllabus 2026: Exam Pattern
नीचे दी गई जानकारी में RSSB एग्रीकल्चर सुपरवाइजर सिलेबस भर्ती 2026 का सिलेबस देखें:प्रश्न पत्र का भाग विषय का नाम प्रश्नों की संख्या कुल अंक भाग-I सामान्य हिंदी 15 45 भाग-II राजस्थान का सामान्य ज्ञान, इतिहास एवं संस्कृति 25 75 भाग-III कृषि विज्ञान 20 60 भाग-IV तकनीकी (Technical) 20 60 भाग-V पशुपालन (Animal Husbandry) 20 60 Total 100 300
RSSB Agriculture Supervisor Syllabus 2026: Marking Scheme & Marks
RSMSSB/ RSSB एग्रीकल्चर सुपरवाइजर मार्किंग स्कीम, कुल प्रश्न, अधिकतम अंक, सही उत्तर के लिए अंक, परीक्षा की अवधि, नेगेटिव मार्किंग।

- परीक्षा संरचना: एकल लिखित परीक्षा होगी।
- अधिकतम अंक: 300 अंक।
- प्रश्नों की संख्या: 100 प्रश्न।
- परीक्षा अवधि: 2 घंटे (120 मिनट)।
- प्रत्येक सही उत्तर: 3 अंक।
- नकारात्मक अंकन: प्रत्येक गलत उत्तर के लिए 1/3 अंक काटे जाएंगे।
RSSB Agriculture Supervisor Syllabus 2026: Topic – सामान्य हिंदी, राजस्थान का सामान्य ज्ञान, इतिहास एवं संस्कृति, कृषि पर्यवेक्षक सिलेबस
Part-I: सामान्य हिंदी
| क्र.सं. | विषय/टॉपिक |
| 1 | दिए गए शब्दों की लिंग एवं शब्दों का लिंग-फ़ॉर्मेशन। |
| 2 | मिलन एवं प्रत्यय—इनके प्रयोग से शब्द-निर्माण तथा शब्दों से मिलन एवं प्रत्यय को अलग करना, उनकी पहचान। |
| 3 | वाक्य (सामान्य) की रचना करना, वाक्य (सामान्य) की परिवर्तन। |
| 4 | शब्द युग्मों का अर्थ भेद। |
| 5 | पर्यायवाची शब्द और विलोम शब्द। |
| 6 | शब्द शुद्धि—दिए गए अशुद्ध शब्दों को शुद्ध लिखना। |
| 7 | वाक्य शुद्धि—वर्तनी संबंधी अशुद्धियों को छोड़कर वाक्य संबंधी अन्य व्याकरणिक अशुद्धियों का शुद्धिकरण। |
| 8 | वाक्यांश के लिए एक शब्द। |
| 9 | प्रशासनिक शब्दावली—प्रशासन से संबंधित वाङ्ग्मयस्थ शब्दों के सामान्य हिंदी समानार्थक शब्द। |
| 10 | मुहावरे—वाक्यों में केवल लाक्षणिक प्रयोग अपेक्षित है। |
| 11 | लोकोक्तियाँ—वाक्यों में केवल लाक्षणिक प्रयोग अपेक्षित है। |
Part -II: राजस्थान का सामान्य ज्ञान, इतिहास एवं संस्कृति
प्रश्नों की संख्या: 25
कुल अंक: 75क्र.सं. विषय/टॉपिक 1 राजस्थान की भौगोलिक संरचना—भौगोलिक विभाग, जलवायु, प्रमुख जंगल, नदियाँ, झीलें एवं तालाब। 2 राजस्थान का इतिहास—स्थानीयकरण—प्रागैतिहासिक काल तथा प्रारंभिक काल।
प्रमुख व्यक्तित्व—महाराणा सांगा, महाराणा कुम्भा, महाराणा उदयसिंह, महाराव जोधा, महाराव मालदेव, महाराजा मानसिंह, अजीतसिंह, जयसिंह द्वितीय, ईश्वरीसिंह, महाराजा गंगा सिंह आदि।
राजस्थान के प्रमुख साहित्यकार, लोक कलाकार, संगीतकार, नाट्य कलाकार, खेल एवं पर्यटन आदि।3 भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में राजस्थान का योगदान एवं राजस्थान का एकीकरण। 4 विभिन्न राजस्थानी बोलियाँ, कृषि, पशुपालन क्षेत्रों की राजस्थानी शब्दावली। 5 कृषि, पशुपालन एवं व्यापारिक शब्दावली। 6 लोक देवता-देवियाँ—प्रमुख मेला एवं यात्राएँ। 7 प्रमुख लोक नृत्य, उत्सव, मेले—पशु मेलें। 8 राजस्थानी लोक कथा, लोक गीत एवं गान, मुहावरे, कहावतें, ढोला, लोक नाट्य, लोक वाद्य एवं ढप ढारियां कलाएँ। 9 विभिन्न जनजातियाँ—भील जनजातियाँ। 10 स्त्री-पुरुषों के ornamentos एवं श्रृंगार। 11 चित्रकला एवं हस्तशिल्प—चित्रकला की विभिन्न शैलियाँ, फ्रेस्को चित्र, मिनिएचर पेंटिंग, टेराकोटा कला, मूर्ति कला, गण वस्त्र, जयपुरी रजाई आदि। 12 स्थापत्य—महल, गढ़ी, हवेलियाँ, प्राचीरें, छतरियाँ, मन्दिर-मस्जिद आदि। 13 लोक नृत्य एवं नृत्य शैलियाँ। 14 मेलों, पर्यटन स्थल एवं धार्मिक स्थल।
Part -III: राजस्थान कृषि पर्यवेक्षक सिलेबस
प्रश्नों की संख्या: 20
कुल अंक: 60क्र.सं. विषय/टॉपिक 1 राजस्थान की भौगोलिक स्थिति, कृषि एवं कृषि अर्थव्यवस्था का सामान्य ज्ञान। राज्य में कृषि, उद्योग एवं पशुपालन का स्वरूप एवं महत्व। राजस्थान की कृषि एवं उद्योग उत्पादन में प्रमुख बाधाएँ। 2 राजस्थान के जलवायुीय क्षेत्र, मृदा विविधता एवं उत्पादकता। 3 खारी एवं लवणीय भूमियाँ, रेतीली भूमि एवं उनका प्रबंधन। 4 राजस्थान में मृत्तिकाओं का प्रकार, मृदा अपरदन, जल एवं मृदा संरक्षण के साधन, पादपों के लिए आवश्यक पोषक तत्व, उपलब्धता एवं स्रोत, राजस्थानी भाषा में पारंपरिक कृषि क्षेत्रों की शब्दावली। 5 गोबर खाद के महत्व, प्रकार एवं बनाने की विधियाँ तथा वर्मी, नाडेप, आईएआरआई, बायो, फॉस्फेट रिच ऑर्गेनिक मोनोकोट एवं कार्बनिक खाद एवं उनके प्रयोग की विधियाँ। 6 फसलोत्पादन में सिंचाई का महत्व, सिंचाई के स्रोत, फसलों की जल आवश्यकता एवं प्रभावित करने वाले कारक। 7 सिंचाई की विधियाँ—विशेषतः ड्रिप, स्प्रिंकलर, रेनगन आदि। सिंचाई की आवश्यकता, समय एवं मात्रा। 8 जल निकास एवं इसका महत्व, जल निकास की विधियाँ। 9 राजस्थान के संदर्भ में पारंपरिक सिंचाई से संबंधित शब्दावली। 10 मृदा परीक्षण एवं समस्या संबंधी मृत्तिकाओं का सुधार। 11 ग्रीन मैन्योरिंग, ग्रीन हाउस, खरपतवार संरक्षण। 12 खरपतवार—विशेषताएँ, वर्गीकरण, खरपतवारों से नुकसान, खरपतवार नियंत्रण की विधियाँ, राजस्थान की प्रमुख फसलों में खरपतवार उन्मूलक जलकौतियों से खरपतवार नियंत्रण। खरपतवारों की राजस्थानी भाषा में शब्दावली। 13 निम्न प्रमुख फसलों के लिए जलवायु, मृदा, खेत की तैयारी, किस्में, बीज उपचार, बीज दर, बुआई समय, उर्वरक, सिंचाई, अंतरकाशी, पादप संरक्षण, कटाई—गेहूँ, ज्वार, बाजरा, मक्का, ग्वार, अरंडी, मूँग, उड़द, चना, सरसों, अलसी, सोयाबीन, प्याज, टमाटर, मिर्च, भिंडी, बरसीम, ल्यूसर्न। 14 देरदवार—महत्व, देरदवार की तकनीकी। 15 दलहनी फसल, इसके प्रकार एवं महत्व। 16 फसल चक्र—महत्व एवं सिद्धांत। 17 राजस्थान के संदर्भ में कृषि विभाग की महत्वपूर्ण योजनाओं की जानकारी। 18 भंडारण एवं बीज का भंडारण।
Part – IV: राजस्थान कृषि पर्यवेक्षक सिलेबस
प्रश्नों की संख्या: 20
कुल अंक: 60क्र.सं. विषय/टॉपिक 1 उद्योग फसलों एवं वृक्षों का महत्व, वर्तमान स्थिति एवं भविष्य। 2 तिलहन पादपों की कीट प्रबंधन। 3 फल उपयोग, पादप प्रतिरोधक। 4 फलोत्पादन के स्थान का चयन एवं योजना। 5 उद्यान लगाने की विभिन्न लंबी अवधि विधियाँ। 6 आम, नींबू एवं अंगूर जैसी फसलें की प्रतिकूल परिस्थितियाँ एवं उनका समाधान। 7 फलोत्पादन में विभिन्न फल कीट नियंत्रकों का प्रयोग। 8 फल उत्पादन की विधियाँ एवं फल उत्पादन में कीट प्रबंधन। 9 राजस्थान में जलवायु, मृदा, उन्नत किस्में, उपयोग विधियाँ, जैविक खाद एवं उर्वरक, सिंचाई, कटाई, उपज, प्रमुख रोग एवं कीट एवं उनका नियंत्रण सहित निम्न उद्योग फसलों की जानकारी—कपास, गन्ना वर्गीय फल, गुलाब, तंबाकू, सूरन, अफू, इंडिगो, मेंथा, टैपियोका, आलू, टमाटर, प्याज, फूल सब्जी, लहसुन सब्जी, धनिया, मिर्च वर्गीय वृक्ष, बेर, अमरूद, कटहल, अमरूद, करंज, पिस्ता, अखरोट, ड्रैगन, अंजीर, फूल, सब्जी उद्यान, करौंदा, करंज, अमरूद, बेल, करौंदा, खजूर। 10 फल एवं वृक्ष रोग परीक्षण का महत्व, वर्तमान स्थिति एवं भविष्य, फल रोग परीक्षण के सिद्धांत एवं विधियाँ। 11 प्रिजर्वेशन, कैनिंग एवं डिहाइड्रेशन की तकनीक एवं राजस्थान में उनकी पारंपरिक विधियाँ। 12 जैम (जेली), मुरब्बा (जैली), अचार, पापड़, चटनी (पापड़) आदि बनाने की विधियाँ। 13 औषधीय पादपों एवं फलों की खेती का राजस्थान के संदर्भ में सामान्य ज्ञान। 14 राजस्थान के संदर्भ में उद्यान विभाग की महत्वपूर्ण योजनाएँ।
Part – V: राजस्थान कृषि पर्यवेक्षक सिलेबस:(Animal Husbandry)
प्रश्नों की संख्या: 20
कुल अंक: 60क्र.सं. विषय/टॉपिक 1 पशुपालन का कृषि में महत्व। 2 पशुपालन का दूध उत्पादन में महत्व एवं प्रबंधन। 3 निम्न पशु नस्लों की विशेषताएँ, उपयोगिता एवं उत्पत्ति स्थान का सामान्य ज्ञान:—
गाय—साहीवाल, थारपारकर, गिर, रेड़ sindhi, थ्रूपॉट, नगौर, हरियाणा, सूनी।
भैंस—मुर्रा, जाफराबादी, नागपुर, भदावरी, ताड़ोलन, मुराहल।
भेड़—मारवाड़ी, चोकला, नेकी।
बकरी—सिरोही, जैसलमेरी।
उँट—मेवाड़ी, कच्छी, जैसलमेरी, मालवी, गिर, खारई, बीवरटेल।4 बछड़ा प्रबंधन, पशुओं की आयु निर्धारण। 5 सामान्य पशु चिकित्साओं के प्रकार, उपयोग, मात्रा एवं खुराक देने का तरीका। 6 प्रतिरोधक—वैक्सीन, एंटीबायोटिक सिप्रिन, फॉस्फेट रिच विटामिन (गाय दवा), लैक्टोस फार्मा—मिनरल मिक्सचर (मिनरल), कैल्शियम कार्बोनेट। 7 वृद्धिकारक—हॉरमोन, स्टेरॉयड। 8 परजीवी—नागौर टिक, वैक्सीट्रोल। 9 घी—भैंस का घी। 10 राजस्थान के पशुओं की प्रमुख बीमारियों के कारण, लक्षण एवं उपचार—पशु-खुर, खुरपका, खसरा, एफएमडी, ऊँट का स्वेल, फुटरोट, जोंकरी, घुनों की चोट, घुनों की खुराकी। 11 दूध उत्पादन, दूध एवं घी संग्रह, स्वच्छ दूध उत्पादन, दूध संरक्षण, दूध परीक्षण एवं गुणवत्ता। 12 दूध में वसा को ज्ञात करना, वांछित वसा, घुलनशीलता एवं अम्लता निर्धारण की विधि एवं यंत्रों की आवश्यकता एवं उपयोग, पनीर व खोया बनाने की विधि। 13 दूध केंद्र के चजरू को सफल एवं प्रतिरोधी बनाना। 14 राजस्थान के पशुपालन क्षेत्रों एवं गतिविधियों से संबंधित शब्दावली।
FAQs – RSSB Agriculture Supervisor 2026
5 ऑप्शन (A, B, C, D, E)। उम्मीदवार को नीले बॉलपॉइंट पेन से सिर्फ़ एक गोला (बबल) काला करना होगा।
नहीं, सिर्फ़ एक ऑप्शन भरना ज़रूरी है। एक से ज़्यादा ऑप्शन चुनने पर नेगेटिव मार्किंग होगी।
ऑप्शन E को काला करें। अगर कोई भी गोला नहीं भरा गया है, तो 1/3 नंबर काट लिए जाएँगे (10% तक प्रश्नों के लिए)।
सभी गोलों को चेक करने के लिए 10 मिनट का अतिरिक्त समय दिया जाएगा।
अगर 10% से ज़्यादा प्रश्नों में 5 में से कोई भी गोला नहीं भरा गया है, तो डिसक्वालिफाई कर दिया जाएगा।
नीला बॉलपॉइंट पेन ज़रूरी है; काले/जेल पेन मना हैं। गोलों को साफ़ और पूरी तरह से भरें।





