HSSC Steno typist 2026 Exam Pattern and syllabus
यह जानना हमेशा ज़रूरी है कि आप जिस एग्जाम में बैठ रहे हैं, उसका सिलेबस और एग्जाम पैटर्न क्या है।
इससे आपको पहले से अच्छी तैयारी करने में मदद मिलेगी और सिलेक्शन के चांस बढ़ जाएंगे।
स्टेज:-I- स्टेनोग्राफी स्किल टेस्ट सिलेबस के अनुसार होगा और स्टेनोग्राफी टेस्ट पास करने के लिए क्राइटेरिया भी अपेंडिक्स-C-I में बताया गया है जो क्वालिफाइंग नेचर का है।

स्टेज:-II- अपेंडिक्स-C-II में बताए गए सिलेबस के अनुसार लिखित परीक्षा का पैटर्न:-
i. कुल मल्टीपल चॉइस प्रश्न (MCQs): 100
ii. कुल अंक: 100
iii. परीक्षा की अवधि-1 घंटा 45 मिनट
न्यूनतम क्वालिफाइंग अंक: -सामान्य श्रेणी: 50% आरक्षित श्रेणी (दोनों)
Reserved Category (both vertical and horizontal) : 40%
Check Eligibility
सभी प्रश्न अनिवार्य होंगे। प्रश्न पत्र द्विभाषी (अंग्रेजी और हिंदी) होगा और एक ऑफलाइन (OMR आधारित) लिखित परीक्षा आयोजित की जाएगी। हर प्रश्न के लिए, उम्मीदवार को प्रश्न पत्र में से चुनने के लिए चार विकल्प दिए जाएंगे।
अपना पसंदीदा विकल्प चुनने के बाद, हर उम्मीदवार को OMR शीट में संबंधित सर्कल भरना होगा। गलत विकल्प भरने पर कोई नेगेटिव मार्किंग नहीं होगी।
यदि कोई उम्मीदवार किसी प्रश्न का उत्तर नहीं देना चाहता है, तो उसे OMR शीट में पांचवां सर्कल/बबल भरना होगा।
ऐसा न करने पर एक अंक काट लिया जाएगा। दूसरे शब्दों में, हर अनुत्तरित प्रश्न के लिए माइनस एक अंक की नेगेटिव मार्किंग होगी।
HSSC Steno typist 2026 Syllabus
General awareness, Reasoning, Mathematics, Science, History including Haryana related history, current affairs, literature, Geography, Civics, Environment, Culture etc. – (Weightage 20%)
Computer terminology, Fundamentals, word software, excel software, Power point, internet, web browsing, Communication, emails, downloading and uploading data on websites etc. – (Weightage 10%)
3) Subject related syllabus- (Weightage 70%)
व्यंजनों का वर्गक्रमानुसार प्रयोग एवं व्यंजन रेखाओं को मिलाने का प्रयोग
दीर्घ एवं लघु स्वरों का प्रयोग ,बिंदु एवं डैश स्वरों का प्रयोग ,माध्यमिक स्वरों इत्यादि का प्रयोग आदि
पूर्व एवं पशच स्वर
शब्द चिन्ह संक्षिप्ताक्षर एवं व्याकांशो का शब्दाक्षर ,क्रिया विभक्तियों का प्रयोग एवं हैं का प्रयोग
दवीस्वर /दो स्वरों का प्रयोग,दवीस्वर एवं त्रिस्वर का प्रयोग ,दवीस्वर एवं त्रिस्वर सम्भंधि ,त्रिस्वर चिन्हो पर अनुस्वार शब्दचिह्न एवं व्याकांशो इत्यादि में दवीस्वर व् शब्दाक्षर त्रिस्वरो का प्रयोग।
त वर्ग का प्रयोग श्व्यंजनों के वैकल्पिक रेखाओं का, ह,ल ,र,प्रयोग।
अर्धस्वर वय के ारद्वृत प्रयोग।
छोटे वृत्त ,सश ,अंतिम सस /आरम्भिक स्व तथा माध्यमिक -सज आदि का प्रयोग।
अंडाकार वृत्त या छोटा लूप बड़ा अंधकार वृत्त ,सट्.स्थ ,स्त ,स्टर के प्रयोग/स्तर अनुनासिक व्यंजन अनुस्वार एवं अनुनासिक स्वर अनुनसकिय का प्रयोग।
व्यंजन रेखाओं पर आरम्भिक हुक (अंकुश),आरम्भिक र तथा ल के प्रयोग ,
अंतिम हुक नय हूको का प्रयोग। व्/फ,ण।/
अंतिम बड़े हुक या शन सयुंक्त व्यंजनों का शन का प्रयोग,अभ्यास एवं अर्धवृत्त य तथा व् का प्रयोग।
अरधकरण सिद्धांत -व्यंजन रेखाओं को साधारण लम्बाई से आधा कर एवं अन्य व्यंजन जोड़ना।
दवीगुण सिद्धांत -व्यंजन रेखाओं को दुगना कर उनमे कर/कार/दर/दार /तर//तार/टर इत्यादि व्यंजनों का योग
उपसर्ग ,प्रत्यय के प्रतिनिधि रेखाओं ,मुद्राओं का प्रयोग एवं व्याकांशों का प्रयोग
हिंदी आशुलिपिक के वस्तुनिष्ट लिखित परीक्षा के प्रश्न विशिष्ट प्रणाली /पद्धति तथा नविन प्रणाली /पद्धति पर आधारित होंगे।
अभ्यर्थी अपनी सुविधानुसार किसी एक प्रणाली /पद्धति में उत्तर दे सकता है।





